कोलकाता, 13 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के चर्चित नगर निकाय भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्त में चल रहे पूर्व मंत्री सुजीत बसु को दुर्गा पूजा से पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद इस वर्ष श्रीभूमि की दुर्गा पूजा में पूर्व मंत्री की कोई मौजूदगी नजर नहीं आ रही है; वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने द्वितीया के दिन पूजा का आधिकारिक उद्घाटन किया, जहां विज्ञापनों और बैनरों में केवल स्थानीय लोगों को ही प्रमुख चेहरा बनाया गया है।
जांच एजेंसी ईडी ने अदालत के समक्ष खुलासा किया है कि नगर निकायों में 284 अयोग्य अभ्यर्थियों को गैर-कानूनी तरीके से नौकरियां दी गईं और प्रति उम्मीदवार 6-6 लाख रुपये वसूले गए। अधिकारियों के अनुसार सुजीत बसु और उनके परिजनों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की अघोषित राशि जमा पाई गई है, जिसका वे कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। बिचौलिए अयन शील से हुई पूछताछ के आधार पर यह बात भी सामने आई है कि बसु ने दक्षिण दमदम नगरपालिका में 152 लोगों की नियुक्तियों के लिए अनुचित सिफारिशें की थीं, जिसके बाद 11 मई को लंबी पूछताछ के उपरांत उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।














