एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, सीमा सुरक्षा बल और रावला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव चक 4 केएनएम डब्ल्यू टेल के पास एक खेत से संदिग्ध पैकेट बरामद किए। शुरुआत में इनमें मादक पदार्थ होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन जांच में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विस्फोटक की जांच के लिए जयपुर से एंटी बम दल बुलाया गया है।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, उनकी टीम करीब एक महीने से सीमावर्ती क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार तड़के दो बजे के बीच ड्रोन से पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली। ये पैकेट खानुवाली सीमा चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर नहर किनारे खेत में मिले। एजेंसी को तड़के करीब तीन बजे सूचना मिली, जिसके बाद संयुक्त अभियान चलाया गया।
बरामद हथियारों में शामिल पिस्टल पर तुर्किये में निर्मित होने का उल्लेख है। विस्फोटक के साथ आईईडी बनाने के उपकरण मिलने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। सभी सामग्री जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तार दोनों युवक पंजाब के निवासी हैं। इनमें एक जालंधर और दूसरा फिरोजपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां उनके संपर्कों, आपराधिक पृष्ठभूमि और खेप से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। जांच की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल उनकी विस्तृत पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
विकास कुमार ने कहा कि सीमापार से इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भेजे जाने के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, खेप किसके लिए भेजी गई थी और इसका इस्तेमाल कहां होना था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खेतों, नहरों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। एएनटीएफ, पुलिस, बीएसएफ, सीआईडी और आतंकवाद निरोधक दस्ते के अधिकारी जांच में जुटे हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियारों और विस्फोटकों की खेप किस नेटवर्क ने भेजी और इसमें अन्य कौन लोग शामिल हैं।














