मुंबई, 13 अक्टूबर।
आगामी त्योहारों के सीजन में आम ग्राहकों और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए यूपीआई एवं सेवा संचालन समिति ने निर्णय लिया है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को दिवाली के बाद ही लागू किया जाएगा। व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) यूपीआई लेन-देन पर लगने वाले इस शुल्क के क्रियान्वयन की सटीक तारीख जल्द ही अलग से अधिसूचित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि देश की खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों को संचालित करने वाली शीर्ष संस्था भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय बैंक संघ द्वारा एक गैर-लाभकारी इकाई के रूप में की गई है, जो आधुनिक डिजिटल तकनीक के जरिए बैंकिंग ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
वित्तीय समावेशन और डिजिटल भुगतान तंत्र को रफ्तार देने में एनपीसीआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस संस्था ने यूपीआई, रुपे, आईएमपीएस, एनईटीसी, एईपीएस और ई-रुपी जैसे कई क्रांतिकारी उत्पाद पेश करके देश की खुदरा भुगतान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुलभ बनाया है। वर्तमान में एनपीसीआई अपने विस्तृत परिचालन को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों- एनआईपीएल, एनबीबीएल, एनबीएसएल और एनटीएसएल का संचालन भी करती है, जिससे भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान हासिल हुई है।














