नई दिल्ली, 13 अक्टूबर।
उत्तर रेलवे ने अपनी ढांचागत परियोजनाओं में संरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान जालंधर, अंबाला, मुरादाबाद और लखनऊ में 2x25 केवी ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) अपग्रेडेशन कार्यों को लेकर संरक्षा एवं गुणवत्ता संगोष्ठी-सह-संवाद शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 550 से अधिक अधिकारियों, टीआरडी कर्मचारियों, परियोजना इकाइयों और ठेकेदार एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इन शिविरों के माध्यम से ओएचई अपग्रेडेशन कार्यों को सुरक्षित ढंग से पूरा करने, कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा, पीपीई किट के अनिवार्य उपयोग और ट्रैक के पास क्रेन व जेसीबी जैसी भारी मशीनों के सुरक्षित संचालन पर विशेष बल दिया गया। उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर संभावित खतरों की पहले से पहचान करना और 'संरक्षा पहले, गुणवत्ता हमेशा, कोई शॉर्टकट नहीं' के सिद्धांत को अपनाकर ट्रेन परिचालन को पूरी तरह सुरक्षित रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।














