भोपाल, 13 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग बुधवार, 14 अक्टूबर को भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। इसमें राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और आवेदन प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर चर्चा होगी।
कार्यशाला में अधिकारियों और शिक्षकों को पात्रता, आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और सत्यापन संबंधी जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि जानकारी की कमी या प्रक्रियागत देरी के कारण पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहें।
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं से बारहवीं तक हर साल 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। निर्धारित शर्तें पूरी करने पर चार वर्षों में कुल 48 हजार रुपये मिल सकते हैं। राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
पात्रता के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और कक्षा सातवीं में कम से कम 55 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों को अंकों में पांच प्रतिशत की छूट मिलती है। चयन राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से होता है। शासकीय, अनुदान प्राप्त और स्थानीय निकायों के विद्यालयों के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
कार्यशाला में पंजीयन, ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और समय-सीमा पर चर्चा होगी। भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग के अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी और योजना से लाभान्वित विद्यार्थी भी शामिल होंगे। विद्यार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे, ताकि योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पात्र बच्चों तक पहुंच सके।














