मैड्रिड, 14 अक्टूबर।
एटलेटिको मैड्रिड के हाथों चैंपियंस लीग में 0-2 की शिकस्त झेलने के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड के डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज ने क्लब प्रबंधन की रणनीति और खिलाड़ियों की भर्ती पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चैंपियंस लीग में वापसी के बाद टीम को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शीर्ष प्रबंधन और तकनीकी निदेशक को अधिक प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे।
मार्टिनेज के मुताबिक, पिछले सत्र में टीम ने मजबूत आधार तैयार किया था, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन निराशाजनक है। उन्होंने स्वीकार किया कि खिलाड़ियों को भी अपने खेल में सुधार करना होगा, लेकिन बड़ी प्रतियोगिताओं में चुनौती देने के लिए मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि क्लब में खराब नतीजों के बाद बार-बार कोच बदलने पर ध्यान दिया जाता है, जबकि अन्य विभागों की भूमिका और जवाबदेही पर भी चर्चा होनी चाहिए। मार्टिनेज की इन टिप्पणियों से क्लब में टीम निर्माण और प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर बहस तेज हो गई है।
एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ मुकाबले में पाब्लो बारियोस ने पहले ही मिनट में गोल करके मेजबान टीम को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरे हाफ में एडेमोला लुकमैन ने दूसरा गोल कर जीत पक्की कर दी। इस हार के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम सभी प्रतियोगिताओं में लगातार पांच मैचों से जीत दर्ज नहीं कर सकी है और इंग्लिश प्रीमियर लीग में अब तक केवल एक जीत के साथ 13वें स्थान पर है। क्लब ने नए सत्र से पहले खिलाड़ियों की भर्ती पर करीब 21.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च किए थे, लेकिन इसके बावजूद टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। फुटबॉल निदेशक जेसन विलकॉक्स की भूमिका और टीम को मजबूत बनाने की रणनीति भी चर्चा में है। मार्टिनेज के बयान से मुख्य कोच माइकल कैरिक पर दबाव के साथ-साथ खिलाड़ियों की भर्ती, टीम के संतुलन और क्लब प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।











