काठमांडू, 14 अक्टूबर।
नेपाल को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 2027–2029 कार्यकाल के लिए पुनः सदस्य चुन लिया गया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य परिसर में संपन्न हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान महासभा में पड़े कुल 180 मतों में से नेपाल के पक्ष में 173 वोट दर्ज हुए। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच नेपाल सर्वाधिक मत हासिल करने वाला राष्ट्र बना।
चुनाव नतीजे आने के बाद न्यूयॉर्क में मौजूद नेपाल के स्थायी मिशन ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर नेपाल पर आस्था जताने वाले समस्त सदस्य देशों का दिल से आभार प्रकट किया।
नेपाली मिशन की तरफ से कहा गया कि नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, बहुपक्षवाद, मानवाधिकारों की रक्षा और संयुक्त राष्ट्र के प्रति नेपाल की निष्ठा में भरोसा जताने के लिए वे संयुक्त राष्ट्र के सभी सहभागी राष्ट्रों का शुक्रिया अदा करते हैं।
नेपाल ने अपने साथ इस नए कार्यकाल के लिए चुने गए अन्य देशों को भी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस सूची में ब्राजील, बुरुंडी, डोमिनिकन गणराज्य, जर्मनी, घाना, आयरलैंड, जापान, जॉर्डन, कुवैत, मोल्दोवा, नाइजीरिया, यूक्रेन, उरुग्वे तथा जाम्बिया के नाम शामिल हैं।
स्थायी मिशन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि नेपाल अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर मानव गरिमा की रक्षा, सामाजिक न्याय की बहाली, समावेशिता और सभी के समान विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निरंतर काम करता रहेगा।
इससे पूर्व भी नेपाल वर्ष 2018–2020 और 2021–2023 की अवधि में लगातार दो बार इस महत्वपूर्ण वैश्विक निकाय का हिस्सा रह चुका है। इस नए जनादेश के साथ ही नेपाल 1 जनवरी 2027 से तीसरी बार परिषद में अपनी सेवाएं देना शुरू करेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में गठित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद दुनिया भर में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाला मुख्य निकाय है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में मुख्यालय रखने वाली इस परिषद में विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से 47 सदस्य देश शामिल होते हैं, जिनका चयन तीन साल के लिए महासभा द्वारा किया जाता है।
यह वैश्विक निकाय सदस्य देशों में मानवाधिकारों की स्थिति की समीक्षा करने के साथ-साथ गंभीर उल्लंघनों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश जारी करता है। सार्वभौमिक आवधिक समीक्षा के जरिए दुनिया के सभी राष्ट्रों में मानवाधिकारों की स्थिति का आकलन भी इसी के द्वारा किया जाता है।
परिषद में यह नई जिम्मेदारी मिलने से वैश्विक पटल पर नेपाल का मानवाधिकार संबंधी प्रतिनिधित्व और अधिक मजबूत होगा। इस सदस्यता के माध्यम से नेपाल समानता, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन जैसे अहम मुद्दों पर बहुपक्षीय बातचीत में अहम भूमिका निभा सकेगा।
हालाँकि, इस वैश्विक मंच से जुड़ने के साथ ही नेपाल पर अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने, नागरिकों की मौलिक स्वतंत्रता की सुरक्षा करने और मानवाधिकार मानकों को मजबूती से लागू करने का बड़ा दायित्व भी रहेगा।













