नई दिल्ली, 14 अक्टूबर।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को 14वें आरोपित शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने इस पर सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तारीख तय की है। अदालत में फिलहाल आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई चल रही है। इससे पहले 7 अक्टूबर को सीबीआई ने अदालत को बताया था कि सूर्यवंशी के खिलाफ जांच जारी है और उसे पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। बुधवार की सुनवाई में सभी आरोपित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। मामले में इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरोपित धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी और उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। वहीं, राऊज एवेन्यू अदालत ने 22 अगस्त को गिरफ्तारी मेमो उपलब्ध कराने की मांग वाली लोखंडे की अर्जी खारिज कर दी थी। इससे पहले 14 अगस्त को सीबीआई को मामले की आगे जांच करने की अनुमति दी गई थी।
अदालत ने 12 अगस्त को सीबीआई की ओर से 13 आरोपितों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था। इनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया था कि इस मामले में 12 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद जांच के लिए 72 अधिकारियों और आठ साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम बनाई गई तथा महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई को हुई थी।













