नई दिल्ली, 14 अक्टूबर।
केंद्र सरकार ने देश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) तैयार की है। इस योजना पर 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं और अनुमोदन की सरल व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय घटेगा। इससे निवेश, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
भारत का विनिर्माण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 16 से 17 प्रतिशत योगदान देता है और 2.7 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का लक्ष्य 2035 तक इस हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत तक पहुंचाना है। आधुनिक औद्योगिक पार्कों में सड़क, बिजली, पानी, जल निकासी, अपशिष्ट जल उपचार और संचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत के अनुसार पहले से निर्मित फैक्ट्री शेड, भंडारण, परीक्षण और प्रमाणन की सुविधाएं भी मिलेंगी।
योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक लागू किया जाएगा। पहले चरण में अधिकतम 50 औद्योगिक पार्कों का चयन होगा और शेष पार्क बाद के चरणों में विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक पार्क का क्षेत्रफल 25 से 1,000 एकड़ तक होगा। इनके विकास और संचालन की जिम्मेदारी विशेष प्रयोजन संस्थाओं को दी जाएगी।
इस योजना से विनिर्माण कंपनियों, एमएसएमई, स्टार्टअप और निवेशकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। गुजरात के धोलेरा में 11 भूखंडों में 495 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां 97,328 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और 6,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है।














