नई दिल्ली, 14 अक्टूबर।
भारत ने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने कार्यालय की चिंताओं को निराधार और अस्वीकार्य बताते हुए इसे भारत के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप करार दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के इस निकाय की प्रतिक्रिया चयनात्मक दिखाई देती है। उनके अनुसार, दुनिया के अन्य हिस्सों में होने वाले प्रदर्शनों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई पर संगठन की ओर से सार्वजनिक रूप से इसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
जायसवाल ने कहा कि इस प्रकार का रवैया जारी रहने से बहुपक्षवाद में लोगों का विश्वास कम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे संबंधित संगठन की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
यह मामला 10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान अभियान से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इसी घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने टिप्पणी की थी।
भारत ने इस टिप्पणी पर अपनी असहमति जताते हुए कहा है कि वैश्विक घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते समय सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।














