कोलकाता, 15 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश साझा कर देश के प्रति कलाम के योगदान को याद किया। ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। वह भारत के 11वें निर्वाचित राष्ट्रपति बने और 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक इस पद पर रहे। वैज्ञानिक उपलब्धियों, सरल जीवनशैली और युवाओं को प्रेरित करने वाले विचारों के कारण उन्हें देशभर में विशेष सम्मान मिला। उन्होंने अपने वैज्ञानिक करियर के लगभग चार दशक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से जुड़े कार्यों में बिताए। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और स्वदेशी मिसाइलों के विकास में उनके योगदान ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई।
डॉ. कलाम ने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 के विकास में अहम भूमिका निभाई, जिसके माध्यम से रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया। वर्ष 1998 में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों में भी उनका महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी योगदान रहा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों और राष्ट्रसेवा के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। डॉ. कलाम ने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को बड़े सपने देखने, ज्ञान अर्जित करने और देश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी। उनकी जयंती पर उन्हें याद करते हुए उनके वैज्ञानिक योगदान और प्रेरणादायी व्यक्तित्व के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।














