लखनऊ, 15 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को ममता, वात्सल्य और पोषण का प्रतीक बताते हुए कहा कि नारीशक्ति के स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त होने से ही देश का भविष्य उज्ज्वल बन सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में मातृ स्वास्थ्य और बालिकाओं की शिक्षा की अनदेखी हुई, जबकि अस्पतालों में सुविधाओं की कमी, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की कमजोर व्यवस्था के कारण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की स्थिति चिंताजनक थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले बड़ी संख्या में बेटियों को सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। उन्होंने दावा किया कि बीते साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने बालिकाओं के जन्म, शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व को ध्यान में रखते हुए उनके कल्याण के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित की है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत से नीचे आ गई है। उन्होंने बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के जरिए श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा का विस्तार होने से छात्राओं को शिक्षा पूरी करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं। योगी ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई पर किया गया निवेश उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ प्रदेश के भविष्य को भी मजबूत करता है।














