वाराणसी, 15 अक्टूबर।
गंगा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद घाटों पर जमा कचरे और मलबे को साफ करने के लिए गुरुवार को नमामि गंगे की युवा टोली ने नगर निगम के कर्मचारियों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया। दशाश्वमेध और प्रयागघाट पर आयोजित इस पहल में स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट हटाए। साथ ही लोगों को गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान युवाओं ने बाढ़ के बाद गंगा को फिर से स्वच्छ बनाने का आह्वान किया। नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना और गंगा की सफाई में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। उन्होंने जोर दिया कि नदी को स्वच्छ रखना केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
अभियान में घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को गंगा में प्लास्टिक, बोतलें, थर्मोकोल, रासायनिक रंगों से रंगी मूर्तियां और पूजन सामग्री नहीं डालने का संकल्प दिलाया गया। स्वयंसेवकों ने युवाओं से नमामि गंगे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और नदी में कचरा जाने से रोकने की अपील की। उनका कहना था कि जनसहयोग और युवाओं की पहल से गंगा संरक्षण के प्रयासों को गति मिल सकती है। बाढ़ के बाद घाटों की सफाई बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने पर भी जोर दिया गया। अभियान में हर्षित, अंकुर, रोहन, आयुष और राज शर्मा सहित अन्य स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।














