मीरजापुर, 15 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए धार्मिक स्थलों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शिक्षकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विंध्य कॉरिडोर, गंगा घाटों तथा मां अष्टभुजा और काली खोह क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या और विंध्याचल में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संकरी गलियों और भीड़ के कारण पहले दर्शन में कठिनाइयां होती थीं, लेकिन अब व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर विकास की अनदेखी और परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। मुख्यमंत्री ने मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की चर्चा करते हुए मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर मेडिकल कॉलेज और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज की सुविधा का उल्लेख किया। उनके अनुसार, धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, स्वरोजगार, निजी क्षेत्र में रोजगार और एक जिला, एक उत्पाद योजना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने डिजिटल संसाधनों, टैबलेट वितरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता जैसी पहलों का भी जिक्र किया। शिक्षकों को समाज और राष्ट्र का निर्माता बताते हुए उन्होंने विद्यालयों में भवन, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रोजेक्ट अलंकार का उल्लेख किया। शिक्षकों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा तथा कल्याण पर भी जोर दिया। जनसभा में उन्होंने शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव का मुद्दा उठाते हुए मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। साथ ही समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए सरकार, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सहयोग जरूरी है।














