हैदराबाद, 15 अक्टूबर।
वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत की 24 रन से हार के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को मैच का सबसे अहम मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि पांच विकेट गिरने के बावजूद तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने बेहतरीन साझेदारी कर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद दिलाई थी। 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 12वें ओवर में 130 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और मैच का समीकरण 19 गेंदों में 48 रन तक पहुंचा दिया।
इसी दौरान रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को आउट कर साझेदारी तोड़ दी, जिसके बाद भारत की जीत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। सैमसन के मुताबिक, उस समय भारतीय टीम हर ओवर में 10 से 12 रन बनाने की गति से आगे बढ़ रही थी और दोनों युवा बल्लेबाज वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना रहे थे। उन्होंने दबाव में भी मुकाबले पर पकड़ बनाए रखने के लिए तिलक और रेड्डी की तारीफ की। इस जीत में वेस्टइंडीज के शाई होप के शानदार शतक और कीमो पॉल के पांच विकेट की अहम भूमिका रही। नतीजे के साथ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला 2-2 से बराबर हो गई है।
सैमसन ने इस मुकाबले में 23 गेंदों पर 56 रन की तेजतर्रार पारी खेली, लेकिन टीम की हार के कारण वह अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर अच्छी बल्लेबाजी करने के बावजूद हारने वाली टीम का हिस्सा होना निराशाजनक है और उनकी प्राथमिकता भारत को जीत दिलाना थी। बड़े लक्ष्य का पीछा करने के अनुभव पर उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में ज्यादा सोचने के बजाय अपनी क्षमता और सहज प्रवृत्ति पर भरोसा करना जरूरी होता है। सैमसन ने अपनी पारी का आनंद लेने की बात कही, लेकिन साथ ही जीत हासिल नहीं कर पाने पर निराशा भी जताई। अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच श्रृंखला का फैसला पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में होगा, जो 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमें निर्णायक मैच जीतकर श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से उतरेंगी।











