नई दिल्ली, 15 अक्टूबर।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब दुनिया के करीब 100 देशों को स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 में 686 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। नई दिल्ली में आयोजित टाइम्स नाउ डिफेंस कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने गोला-बारूद के विभिन्न प्रकारों में 90 प्रतिशत से अधिक आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। भारतीय सेना की सूची में शामिल 175 प्रकार के गोला-बारूद में से 159 स्वदेशी हैं। रक्षा मंत्री के अनुसार, पिछले साढ़े 12 वर्षों में देश के रक्षा क्षेत्र की क्षमताओं का विस्तार हुआ है और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। सरकार ऐसा रक्षा तंत्र विकसित कर रही है, जो सुरक्षा मजबूत करने के साथ आर्थिक विकास को गति दे और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में भारत की भूमिका को भी सशक्त बनाए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके अनुसार, भारत के खिलाफ हथियार उठाने वाले अधिकांश आतंकियों को सुरक्षा बलों ने एक वर्ष के भीतर निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि ये केवल सैन्य अभियान नहीं थे, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में निर्णायक बदलाव के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि अब भारत केवल कूटनीतिक विरोध तक सीमित रहने के बजाय आतंकवाद के स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई करने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाली किसी भी नई आतंकी गतिविधि का जवाब पहले से अधिक कठोर हो सकता है।














