कजान (रूस), 15 अक्टूबर।
भारत और रूस के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कजान में टाइम बिजनेस फोरम के दूसरे संस्करण की शुरुआत हुई। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने गुरुवार को कहा कि दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, निवेश और मानव संसाधन विकास में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कजान सेंटर ऑफ यूनीक क्राफ्टमैनशिप में आयोजित उद्घाटन समारोह में विनय कुमार ने कहा कि चालू वर्ष के पहले छह महीनों में भारत-रूस व्यापार 38 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। उन्होंने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से रूसी विद्यार्थियों और पेशेवरों को भारत में प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा भारतीय व्यवसायों के साथ साझेदारी विकसित करने के अवसर मिलते हैं।
तकनीक, शिक्षा और निवेश में सहयोग पर जोर
भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत और तातारस्तान के बीच सहयोग बढ़ाने से दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने सेवा क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों के लिए संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, फोरम का उद्देश्य केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान, फिल्म समारोहों, खेल आयोजनों और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से दोनों देशों के लोगों को करीब लाना भी है।
तातारस्तान विधानसभा के अध्यक्ष फरीद अब्दुल गानिव ने कहा कि यह मंच व्यापार और निवेश के नए अवसर विकसित करने के साथ प्रौद्योगिकी, औषधि, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर देगा।
दिल्ली में आयोजन का निमंत्रण
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल दिल्ली के विधायक हरीश खुराना ने व्यापारिक संभावनाओं को देखते हुए कजान और टाइम बिजनेस फोरम का आयोजन दिल्ली में भी करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच व्यापारिक संबंधों के साथ सांस्कृतिक और राजनीतिक संपर्कों को भी मजबूत कर सकते हैं।
इस मंच का आयोजन ‘टाइम: रूस-भारत, पारस्परिक दक्षता’ के नाम से किया जा रहा है। इसमें दोनों देशों के 75 से अधिक राजनयिक, सांसद, मंत्री, उद्योगपति, शिक्षाविद और फिल्म जगत की हस्तियां भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य भारत और रूस के उद्योगों, संस्थानों तथा विशेषज्ञों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाना है।














