भोपाल, 15 अक्टूबर।
रवींद्र भवन में संस्कृति विभाग और श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास की ओर से आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव के चौथे दिन गुरुवार को भारत और थाईलैंड की पारंपरिक नाट्य शैलियों में रामकथा के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, मुखौटों, मुद्राओं और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से दर्शकों के सामने रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग साकार किए।
थाईलैंड की रामाकिएन और केरल की कुटियाट्टम
यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल थाईलैंड के श्री रामाकिएन दल ने मारीच प्रसंग, सीता हरण और राम-रावण युद्ध का मंचन किया। वहीं, केरल की प्राचीन शास्त्रीय नाट्य परंपरा कुटियाट्टम में शक्तिभद्र रचित संस्कृत नाटक ‘आश्चर्यचूड़ामणि’ के चौथे अंक ‘जटायुवधम्’ की प्रस्तुति हुई।
रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर कुटियाट्टम केंद्र और नेपथ्य संस्था के कलाकारों ने रावण-जटायु संवाद, युद्ध और जटायु के बलिदान को अभिनय तथा पारंपरिक मुद्राओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। रावण की भूमिका मार्गी मधु चाक्यार, जटायु की भूमिका नेपथ्य राहुल चाक्यार और सीता की भूमिका नेपथ्य आरती ने निभाई। मिझावु और इडक्का वाद्यों की संगत ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
कथा-वाचन सत्र में रामायण के प्रसंगों पर चर्चा
संस्कृति संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनपी नामदेव ने बताया कि उत्सव का उद्देश्य विभिन्न कला विधाओं के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों को आमजन, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना है।
उत्सव के तहत ‘कौशलेय की वन-गमन गाथा’ कथा-वाचन सत्र भी शुरू हुआ। अंकित अवस्थी ने श्रीरामचंद्र वन-गमन पथ और चित्रकूट से जुड़े त्याग, मर्यादा तथा पारिवारिक मूल्यों पर विचार रखे। अमि गणात्रा ने ‘वाल्मीकि के हनुमान – बुद्धिमताम् वरिष्ठम्’ विषय पर व्याख्यान देते हुए हनुमान के ज्ञान, संवाद-कौशल और बौद्धिक क्षमता पर प्रकाश डाला।
शुक्रवार को होगा काव्य-मानस कार्यक्रम
16 अक्टूबर को दोपहर दो बजे रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में ‘काव्य-मानस’ आयोजित होगा। इसमें आमजन श्रीराम केंद्रित भजन, कविता, गीत और दोहे निःशुल्क प्रस्तुत कर सकेंगे। सुबह 11 बजे राम-लेखन कला कार्यशाला होगी। शाम पांच बजे कथा-वाचन सत्र में संदीप द्विवेदी और आचार्य देवव्रत यथिनाथ महाराज व्याख्यान देंगे। शाम सात बजे कर्नाटक की यक्षगान और ओडिशा की ओडिसी नृत्य शैली में रामकथा का मंचन होगा।














