नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पूरी कवायद के लिए 1 जनवरी की तारीख को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह अभियान चलेगा, उनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, गोवा, गुजरात, केरल, मणिपुर, पंजाब, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप शामिल हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 29 सितंबर को ही छूट गए, युवा और पहली बार पात्र बने नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के दिशा-निर्देश दे दिए गए थे। जिन क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है या हाल ही में पूर्ण हुई है, वहां के लिए समय-सारणी बाद में घोषित की जाएगी। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे राज्यों में, जहां अभी तक गहन पुनरीक्षण शुरू नहीं हुआ है, वहां के लिए कार्यक्रम सही समय पर जारी होगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता बनने से न छूटे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न रहे। इस प्रक्रिया के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी सभी पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना सुनिश्चित करेंगे।
चूंकि यह अभियान संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रकृति का है, इसलिए बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन नहीं करेंगे। युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आगामी वर्ष की 1 जनवरी के साथ-साथ 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को पात्र होने वाले नागरिक भी अग्रिम आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रवासियों, वंचितों और कमजोर वर्गों की मदद के लिए जिला स्तर पर सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।














