नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है, जिसके चलते कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए कुल ग्यारह हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था कायम रखने के वास्ते लुटियंस दिल्ली के तमाम प्रमुख मार्गों पर बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है।
सुरक्षा तंत्र की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की दो सौ बीस से ज्यादा कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां मोर्चा संभाले हुए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग पांच हजार कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, संसद मार्ग और पालिका बाजार जैसे इलाकों को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ड्रोन कैमरों तथा सीसीटीवी के जरिए चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है तथा सेंट्रल पार्क को भी दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
संभावित भीड़भाड़ और सुरक्षा घेरे को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन योजना तैयार की है। दोपहर तीन बजे के बाद से कनॉट प्लेस और उसके आस-पास के इक्कीस प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिनमें संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, केजी रोड, अशोक रोड और मिंटो रोड शामिल हैं। इसके साथ ही आईटीओ, मंडी हाउस और इंडिया गेट पर भी यातायात का दबाव बढ़ने की पूरी आशंका जताई गई है।
यातायात विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे नई दिल्ली के मध्यवर्ती इलाकों की तरफ जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों अथवा मेट्रो सेवाओं का उपयोग करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करते हुए एक सीमित संख्या में लोगों को तय स्थान पर राष्ट्रगान गाने और झंडा फहराने की छूट दी जा सकती है, लेकिन अनधिकृत प्रदर्शन या निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
यह पूरा विरोध प्रदर्शन सीजेपी के बैनर तले मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके द्वारा शुक्रवार शाम को तिरंगा यात्रा में जुटने के आह्वान के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए रखी जा रही है।














