ओंकारेश्वर, 16 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में गुरुवार को प्रसिद्ध संत और मानस मर्मज्ञ मुरारी बापू पहुंचे। भारत स्वस्तिक यात्रा के अंतर्गत यहां आए मुरारी बापू ने आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची एकात्मता की प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। साथ ही एकात्म धाम की परिकल्पना और यहां संचालित कार्यों पर प्रसन्नता जताई।
भारतीय संस्कृति को एकता का संदेश दियाआदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के माध्यम से मानव कल्याण का मार्ग बताया था। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा कर अलग-अलग संस्कृतियों और विचारधाराओं को एक सूत्र में जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। सांस्कृतिक एकता के उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम का निर्माण कराया जा रहा है।
2400 करोड़ रुपये से बनेगा अद्वैत लोक संग्रहालयएकात्म धाम परियोजना के पहले चरण में आचार्य शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची बहुधातु प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है। यह प्रतिमा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
परियोजना के दूसरे चरण में करीब 2400 करोड़ रुपये की लागत से अद्वैत लोक संग्रहालय बनाया जा रहा है। इसमें आचार्य शंकर के जीवन, उनके दर्शन और भारतीय सनातन संस्कृति के इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कालड़ी और कन्याकुमारी से ओंकारेश्वर पहुंची यात्राआदि शंकराचार्य के विचारों और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत स्वस्तिक यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा केरल स्थित उनके जन्मस्थान कालड़ी और कन्याकुमारी से होते हुए ओंकारेश्वर पहुंची है। यहां से यात्रा आगे केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी।
मुरारी बापू के एकात्म धाम आगमन के दौरान महामंडलेश्वर नर्मदानंद बापजी, आवासीय आचार्य स्वामी भूमानंद सरस्वती, मां पूर्णप्रज्ञा तथा रविशंकर गुरुकुल के आचार्य और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।














