चार्जशीट के तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य
विशेष अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किए गए हैं। विशेष अभियोजक साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, गवाहों के प्रबंधन और न्यायालय में पैरवी पर ध्यान देंगे।
चार महानगरों में तय किया गया कार्यक्षेत्र
भोपाल स्थित अदालत भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा जिलों के मामलों की सुनवाई करेगी।
इंदौर की अदालत इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन और देवास सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामलों को देखेगी।
ग्वालियर की अदालत के अधिकार क्षेत्र में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ के मामले आएंगे।
जबलपुर की अदालत जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल-बुंदेलखंड के अन्य जिलों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी।
परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने पर जोर
राज्य शासन के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा देने वाले युवाओं के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखना है। पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े अन्य अपराधों में प्रभावी अभियोजन के जरिए दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।














