वाशिंगटन, 15 अक्टूबर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2009 में टेक्सास के फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर 13 लोगों की हत्या के दोषी पूर्व सैन्य चिकित्सक निदाल हसन की फांसी का सीधा प्रसारण नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की।
लाइव प्रसारण के प्रस्ताव पर जताई गई थी आपत्ति
ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की उस घोषणा के बाद आया, जिसमें उन्होंने हसन को फायरिंग स्क्वॉड के जरिए दी जाने वाली फांसी का सार्वजनिक प्रसारण करने की बात कही थी। इस प्रस्ताव पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने आपत्ति जताई थी।
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि कई नेकनीयत लोग हसन को मरते हुए ऑनलाइन प्रसारण या अन्य दृश्य माध्यम से नहीं देखना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि फांसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दी जाएगी, लेकिन उसका लाइव प्रसारण नहीं होगा।
फोर्ट हूड गोलीबारी में 13 लोगों की हुई थी मौत
निदाल हसन अमेरिकी सेना में मेजर और मनोचिकित्सक रह चुका है। पांच नवंबर 2009 को फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर हुई गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 32 अन्य घायल हुए थे। इस मामले में हसन को वर्ष 2013 में मौत की सजा सुनाई गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, उसकी फांसी तीन दिसंबर 2026 को निर्धारित है। प्रस्तावित लाइव प्रसारण की आलोचना करने वालों ने आशंका जताई थी कि इससे मृत्युदंड सार्वजनिक तमाशे में बदल सकता है और हिंसक प्रचार को बढ़ावा मिल सकता है।













