नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक व्यापार और दोनों देशों के द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के हित में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले लेगा।
वित्त मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान एक विशेष सत्र में सीतारमण ने यह बात कही।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच वार्ता जारी है और उन्हें उम्मीद है कि यह महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौता शीघ्र ही संपन्न हो जाएगा।
चीन के संदर्भ में बात करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि वर्षों की बातचीत के बाद भी बढ़ता व्यापार घाटा और भारतीय उत्पादों पर लगी पाबंदियां चिंता का बड़ा कारण हैं।
तमाम वैश्विक चुनौतियों के बाद भी भारत अपनी आर्थिक वृद्धि दर को बनाए रखने में सफल रहा है। कोविड के बाद पिछले चार-पांच वर्षों में भारत सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
वित्तमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की इस सफलता का मुख्य आधार समावेशी विकास है। इसमें युवाओं के कौशल विकास और सभी तक संसाधनों की पहुंच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों का ध्यान रखते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सरकार जनता के पैसे के प्रति पूरी तरह जिम्मेदार है और फिजूलखर्ची से बचती है।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा था कि इस व्यापार समझौते का पहला चरण तय हो चुका है और वर्तमान में इसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है।














