नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार, गैंगवार और संगठित अपराध को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में बढ़ते अपराध और नशे का खतरा गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
शाह ने अपने संदेश में कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार, गिरोहों की गतिविधियां और संगठित अपराध लगातार चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा।
गृहमंत्री ने दिरबा में एक पिता के दबाव में जहर खाने और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शाह के अनुसार, परविंदर के पिता ने आम आदमी पार्टी की सरकार और उसके एक विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय भी दोनों घटनाओं को लेकर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।
शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और संगठित अपराध का खतरा गंभीर होता जा रहा है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि पंजाब की जनता को प्रचार और घोषणाओं के बजाय ठोस जवाब और नतीजे चाहिए। शाह ने नशे के नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने तथा अपराधियों को मिलने वाले संभावित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
गृहमंत्री ने पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर प्रदेश को नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित बनाने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नशे के कारोबार पर रोक लगाने, युवाओं के भविष्य की रक्षा करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को प्राथमिकता देगी।
शाह ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसा कानून-व्यवस्था तंत्र स्थापित करना चाहती है, जिसमें हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे और किसी को भी भय के माहौल में जीवन बिताने के लिए मजबूर न होना पड़े।














