नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के बीच वैश्विक स्तर पर लोगों के आवागमन और प्रवासन से जुड़े बदलते रुझानों पर बातचीत हुई। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के बीच भारत के लिए नए अवसर कैसे बढ़ाए जा सकते हैं।
विदेश मंत्रालय में वाणिज्य दूतावास, पासपोर्ट, वीजा और प्रवासी भारतीय मामलों की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने संगठन की महानिदेशक एमी पोप के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसमें वैश्विक प्रवासन की बदलती दिशा और उससे पैदा होने वाली संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में भारत के नागरिकों और पेशेवरों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा प्रवासन से जुड़े विषयों पर आपसी सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बदलते वैश्विक परिदृश्य में इन मुद्दों को महत्वपूर्ण माना गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्था है, जो प्रवासन संबंधी मामलों पर सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करती है। भारत भी इस संगठन के साथ लोगों की आवाजाही और प्रवासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सहयोग करता रहा है।














