शिमला, 17 अक्टूबर।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चिट्टा तस्करी के मामले में अदालत ने रोहड़ू निवासी मनोज कुमार को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी के पास से पुलिस ने 24 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद उसे दोषी ठहराते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला 7 जनवरी 2022 को बालूगंज पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 21 और 29 के तहत मुकदमा चलाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए और अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े तथ्य प्रस्तुत किए।
अदालत के आदेश के अनुसार, 25 हजार रुपये का जुर्माना जमा नहीं करने पर मनोज कुमार को एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले में सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में साक्ष्य एकत्र करने और अदालत में प्रभावी पैरवी करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।














