जयपुर, 17 अक्टूबर।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई बारिश ने अक्टूबर के मध्य में मौसम का रुख बदल दिया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, पाली, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, टोंक और करौली समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बरसात हुई। इससे सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई, जबकि कई शहरों में अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। करौली में शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया, वहीं जयपुर में बादलों के कारण दिनभर गर्मी का असर कम रहा। अलवर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और माउंट आबू में 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम 21.2 डिग्री रहा, जबकि पिलानी में रात का न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री और चित्तौड़गढ़ का 38 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन खेतों में कटी पड़ी फसल और खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब बारिश की गतिविधियां कम होने और मौसम साफ रहने की संभावना है। अगले चार से पांच दिनों में तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन में गर्मी फिर महसूस होगी, हालांकि सुबह और शाम की ठंडक बनी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अक्टूबर के आखिरी दिनों या नवंबर के पहले सप्ताह में पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने पर उत्तर भारत से ठंडी हवाएं राजस्थान पहुंच सकती हैं। इससे राज्य के तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सर्दी धीरे-धीरे बढ़ सकती है। फिलहाल बारिश के बाद बदले मौसम ने लोगों को राहत दी है, लेकिन कटाई के बाद खेतों या खुले स्थानों पर रखी फसलों को सुरक्षित रखने की चुनौती किसानों के सामने बनी हुई है।














