काठमांडू, 17 अक्टूबर।
नेपाल के ऊर्जा परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है, जहां सरकार ने पहली बार गैर-सरकारी क्षेत्र को बिजली के व्यापार में उतरने की मंजूरी दे दी है। लंबे समय से चल रही कारोबारियों की मांग को स्वीकार करते हुए ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्रालय ने 12 प्रमुख कंपनियों को आशय पत्र जारी किए हैं। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ के इस कदम से देश के भीतर और सीमाओं के पार ऊर्जा व्यापार के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है।
अब तक केवल बिजली बनाने तक सीमित रहने वाले निजी घराने अब देश-विदेश में नए ग्राहक तलाश सकेंगे। मंत्रालय के इस फैसले के बाद यह कंपनियां संभावित खरीदारों की पहचान करने के साथ-साथ व्यापारिक समझौतों का मसौदा भी तैयार कर सकेंगी। अनुमति पाने वाली संस्थाओं में ग्रीन एनर्जी पावर ट्रेडिंग, नेपाल पावर ट्रेडिंग एंड मैनेजमेंट, निफ्रा ट्रेडिंग, एशियन पावर ट्रेडिंग और नेपेक्स जैसी शीर्ष कंपनियां शामिल हैं।
इन मंजूरशुदा कंपनियों के पीछे नेपाल के बड़े औद्योगिक और व्यापारिक समूहों का हाथ है। ग्रीन एनर्जी में बीजी ग्रुप की हिस्सेदारी है, वहीं भाटभटेनी ग्रुप ने नेपाल पावर ट्रेडिंग में निवेश किया है। इसी तरह विशाल ग्रुप की निफ्रा और उद्योग वाणिज्य महासंघ की पूर्व अध्यक्ष भवानी राणा से जुड़ी कंपनी को भी इस सूची में स्थान मिला है।
जारी किए गए आशय पत्र के बल पर यह संस्थान अब तकनीकी और वित्तीय संभाव्यता का गहन अध्ययन शुरू करेंगे। इसके अतिरिक्त, कानूनी दायरे में रहकर देशी व विदेशी साझेदारों से सीधी बातचीत और सौदों की रूपरेखा तय करने की प्रक्रिया भी तेज होगी। इस कदम से उत्पादन के साथ-साथ बाजार विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रगति संभव हो सकेगी।
स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संघ (इप्पान) ने सरकार के इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम भ्लोन लामा का मानना है कि इस नीतिगत बदलाव से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। अब तक केवल निर्माण में लगा पैसा व्यापारिक बुनियादी ढांचे की ओर भी रुख करेगा, जिससे समग्र ऊर्जा बाजार में एक सकारात्मक माहौल बनेगा।













