नई दिल्ली, 17 अक्टूबर।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक अनोखी पहल शुरू की है। 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' नामक इस योजना के तहत टोल प्लाजा पर गंदे शौचालयों की शिकायत करने वाले वाहन चालकों को 1,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सरकार के 'स्पेशल कैंपेन 5.0' के अंतर्गत इस व्यवस्था की शुरुआत की है।

इस योजना में भाग लेने के लिए यात्रियों को 'राजमार्गयात्रा' ऐप के नवीनतम संस्करण का उपयोग करना होगा। ऐप के माध्यम से गंदे शौचालय की स्पष्ट, जियो-टैग और समय दर्ज (टाइम-स्टैम्प्ड) फोटो अपलोड करनी होगी। साथ ही शिकायतकर्ता को अपना नाम, स्थान, मोबाइल नंबर और वाहन पंजीयन संख्या की जानकारी साझा करनी होगी। रिपोर्ट सही पाए जाने पर पुरस्कार राशि सीधे वाहन से जुड़े फास्टैग (FASTag) खाते में रिचार्ज के रूप में भेजी जाएगी। यह राशि नकद या हस्तांतरणीय नहीं होगी।
मंत्रालय के अनुसार यह अभियान 31 अक्टूबर 2025 तक पूरे देश में प्रभावी रहेगा। यह सुविधा केवल NHAI के अधिकार क्षेत्र में आने वाले और उसके द्वारा संचालित शौचालयों पर ही लागू होगी। पेट्रोल पंपों, ढाबों या अन्य निजी परिसरों के शौचालय इसके दायरे में नहीं आएंगे। इसके अतिरिक्त, एक वाहन पंजीयन संख्या पर पूरी अवधि के दौरान केवल एक ही बार पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतिदिन एक शौचालय के लिए केवल पहली सही रिपोर्ट को ही मान्य माना जाएगा।
फ़ोटो की प्रामाणिकता जांचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मानव सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। संपादित, धुंधली या पुरानी तस्वीरें खारिज कर दी जाएंगी। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर गड्डों की मरम्मत, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा संकेतों को सुधारने और अतिक्रमण हटाने जैसी व्यापक स्वच्छता व विकास योजनाओं का ही एक भाग है।















