शिमला, 17 अक्टूबर।
संजौली-भटाकुफर-ढली क्षेत्र में निर्माणाधीन फोरलेन सुरंग में विस्फोट के कारण आसपास के मकानों में दरारें आने के मामले में जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति जानने के लिए दो अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति बनाई है। समिति 22 अक्टूबर को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
शनिवार को उपायुक्त ने फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें निर्माण कंपनियों को दिए गए निर्देशों का पालन नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कंपनी चोरी-छिपे सुरंग का काम कर रही है। समिति में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल, शिमला ग्रामीण के उपमंडल दंडाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और तहसीलदार शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि मकानों में दरारें आने के बाद फिलहाल सुरंग निर्माण रोक दिया गया है। प्रभावित भवनों की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी रुड़की की टीम नियुक्त की गई है। टीम क्षेत्र का दौरा कर चुकी है और क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके निष्कर्षों के आधार पर निर्माण कार्य को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।














