नई दिल्ली, 19 अक्टूबर।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली में आयोजित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का संकल्प केवल बेहतर बुनियादी ढांचे और भौतिक प्रगति से पूरा नहीं हो सकता, बल्कि इसमें कला, संस्कृति और विरासत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की वास्तविक पहचान और उसकी आत्मा सांस्कृतिक परंपराओं में समाहित है। आज देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और वैश्विक पटल पर इसकी प्रतिष्ठा बढ़ रही है, जिसमें कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले कलाकारों का योगदान अतुलनीय है।
संगीता नाटक अकादमी द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शन कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले देश भर के 106 प्रतिभाशाली युवाओं को वर्ष 2024 और 2025 के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कृत कलाकारों में लोक नृत्य के लिए राजस्थान के अकरम खान बहरूफिया, लोक संगीत के लिए बिहार की मनीषा श्रीवास्तव, गाना बजाना/कॉइन संगीत के लिए नागालैंड के हिटो किहो, छऊ नृत्य के लिए शुभाश्री स्वैन तथा नाट्य लेखन के लिए घनश्याम साहू शामिल हैं। इसके अलावा रंगमंच अभिनेता एवं निर्देशक डॉ. आनंद कुमार पांडे को भी उनके बहुमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के उभरते कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा करने और कला के प्रति निरंतर समर्पित रहने का संकल्प दोहराया।














