नई दिल्ली, 19 अक्टूबर।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल की शुरुआत की। इस डिजिटल मंच के जरिए किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, आर्थिक सहायता और खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारियां मोबाइल पर एक ही जगह मिल सकेंगी। इससे अलग-अलग कार्यालयों और वेबसाइटों पर जाने की जरूरत कम होगी। चौहान ने कहा कि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब सरकारी सेवाएं सीधे किसानों तक पहुंचें और उनका जीवन आसान बनाएं। यह पोर्टल किसानों के साथ किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप को भी एक मंच पर जोड़ेगा। इसके माध्यम से किसान योजनाओं की पात्रता जांचने, ऑनलाइन आवेदन करने और कृषि सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। पोर्टल पर पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख पहलों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध होगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर सूचनाएं सटीक, अद्यतन और समयबद्ध रहें, ताकि किसानों का डिजिटल सेवाओं पर भरोसा बना रहे।
पोर्टल को ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सरल, मोबाइल-अनुकूल और कमजोर इंटरनेट नेटवर्क में भी उपयोग करने योग्य बनाया गया है। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डीबीआईएम 3.0 और जीआईजीडब्ल्यू 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे सुरक्षा और दिव्यांगजनों के लिए सुगमता पर ध्यान दिया गया है। स्क्रीन रीडर और सरल नेविगेशन जैसी सुविधाओं के माध्यम से दृष्टिबाधित उपयोगकर्ता भी इसका लाभ उठा सकेंगे। किसानों को मौसम की जानकारी, वैज्ञानिक खेती के तरीके, बीज और खाद की उपलब्धता तथा मंडियों के भाव से जुड़ी प्रमाणिक सूचनाएं उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य है। पोर्टल के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें। शुभारंभ कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा, अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहरदा तथा मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।














