मुंबई, 19 अक्टूबर।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर जुहू इलाके में हुई फायरिंग के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर विवाद तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गोलीबारी, हत्याओं, गैंगवार, जबरन वसूली और धमकियों की घटनाएं बढ़ रही हैं तथा सरकार अपराध पर नियंत्रण रखने में नाकाम रही है। राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पुणे, ठाणे, नासिक और नागपुर में हुई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में 1990 के दशक के अंडरवर्ल्ड जैसे हालात लौट रहे हैं। राउत ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले के साथ बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, राज्य में कानून का प्रभाव कमजोर हुआ है और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ये आरोप विपक्षी नेता ने लगाए हैं; इनसे संबंधित निष्कर्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही तय होंगे।
राउत ने राज्य में पूर्णकालिक गृह मंत्री की जरूरत बताते हुए आरोप लगाया कि गृह विभाग का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मौजूदा सरकार को बर्खास्त करने और राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। साथ ही राज्यपाल से केंद्र सरकार को इस संबंध में सिफारिश भेजने की अपील की। इस मुद्दे पर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल, वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने भी राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। इन नेताओं ने राज्य में सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए और राष्ट्रपति शासन की मांग का समर्थन किया। विपक्ष की मांग के बीच राज्य की कानून-व्यवस्था और हालिया फायरिंग की घटनाएं राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गई हैं।














