गृह मंत्रालय के अनुसार, इस रैली में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 90 मोटरसाइकिल सवार भाग लेंगे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे।
यह रैली देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इसके तहत विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय बलों के प्रतिभागी गुजरात के एकता नगर पहुंचेंगे और एकता परेड-2026 में हिस्सा लेंगे। अभियान के माध्यम से मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा।
पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को देश की सुरक्षा और सेवा में प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में सशस्त्र चीनी टुकड़ी के घात लगाकर किए गए हमले में पुलिस के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं के बलिदान की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया था। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बलिदान को सम्मान देना और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं एकता बनाए रखने में उनकी भूमिका को रेखांकित करना है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में 30 फुट ऊंची ग्रेनाइट की केंद्रीय शिल्पकृति, शहीदों के नाम अंकित शौर्य की दीवार और भारतीय पुलिस व्यवस्था के इतिहास एवं विकास को दर्शाने वाला संग्रहालय है। यह स्मारक पुलिस बलों में कर्तव्य, गौरव और राष्ट्रीय पहचान की भावना को मजबूत करने के साथ आम नागरिकों के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस की संयुक्त परेड होगी। अमित शाह शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री, केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, पुलिस पृष्ठभूमि वाले सांसद, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में 22 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक और देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शहीदों के परिजनों को आमंत्रित करना, पुलिस बैंड की प्रस्तुतियां, मोटरसाइकिल रैली, स्मृति दौड़ और पुलिसकर्मियों के शौर्य, बलिदान एवं सेवा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन शामिल है।














