भोपाल, 21 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई के बावजूद सक्रिय हुए दो चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के चलते राज्य के पश्चिमी और उत्तरी संभागों में पिछले पांच दिनों से बारिश और तेज हवाओं का दौर लगातार जारी है। मंगलवार को विजय दशमी के पावन पर्व पर भी कई जिलों में हुई झमाझम बारिश के कारण आयोजकों को रावण के पुतलों को भीगने से बचाने के लिए उन्हें बरसाती पॉलीथिन से ढकना पड़ा, जिससे कई स्थानों पर दहन कार्यक्रम प्रभावित हुए। हालांकि अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में मानसून लौट चुका था, किंतु मौसम प्रणालियों के बने रहने के कारण अभी भी बारिश का यह सिलसिला थमा नहीं है और मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसा ही मिजाज बने रहने की चेतावनी दी है।
बुधवार को मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन, गुना, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ, धार, खंडवा, नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा समेत 21 जिलों में बारिश का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है, जहाँ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। राज्य में एक तरफ जहाँ पचमढ़ी, कटनी, ग्वालियर और बालाघाट जैसे शहरों में रात का पारा गिरकर 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँचने से हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, वहीं रतलाम, खरगोन, उज्जैन और मंदसौर में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किए जाने से गर्मी और उमस का असर भी बरकरार है। पिछले दशक के अक्टूबर माह के मौसमी रुझानों की तरह इस बार भी बारिश, धूप और शुरुआती ठंड का यह मिला-जुला रूप पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है।














