गुवाहाटी, 21 अक्टूबर।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने नेपाली समुदाय के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व दशैं के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने नेपाली और गोरखा समुदाय के लोगों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए त्योहार की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को फेसबुक पर साझा संदेश में कहा कि दशैं का पावन पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशियां, शांति, समृद्धि और नई उम्मीदें लेकर आए। उन्होंने कामना की कि प्रेम, आशीर्वाद और भाईचारे से जुड़ा यह उत्सव समाज में एकता, सद्भाव और आपसी सौहार्द को और मजबूत करे।
दशैं नेपाली समुदाय का प्रमुख हिंदू त्योहार है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत और देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध किए जाने का प्रतीक माना जाता है। पंद्रह दिनों तक चलने वाला यह पर्व अश्विन शुक्ल पक्ष में घटस्थापना से शुरू होकर कोजाग्रत पूर्णिमा पर समाप्त होता है।
उत्सव के पहले दिन घटस्थापना के साथ कलश स्थापित किया जाता है और जमरा के लिए बीज बोए जाते हैं। सातवें दिन फूलपाती मनाई जाती है। महाअष्टमी और महानवमी पर देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
दशैं के दसवें दिन विजयादशमी या टीका का विशेष महत्व होता है। इस दिन परिवार के बड़े-बुजुर्ग छोटों के माथे पर लाल टीका लगाकर और जमरा देकर आशीर्वाद देते हैं। पंद्रहवें दिन कोजाग्रत पूर्णिमा पर देवी महालक्ष्मी की पूजा के साथ पर्व का समापन होता है।
इस त्योहार के दौरान लोग नए कपड़े पहनते हैं, पारंपरिक पकवान बनाते हैं और परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताते हैं। घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पारंपरिक बांस के झूले भी लगाए जाते हैं, जिन्हें दशैं की खास सांस्कृतिक परंपरा माना जाता है।














