नई दिल्ली, 21 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में विजयादशमी समारोह में देश की सभी संस्थाओं और राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों का मुकाबला सामूहिक एकता और साझा संकल्प के साथ किया जाना चाहिए। संकट कितना भी बड़ा या चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, लोगों को दूसरों के भरोसे बैठने के बजाय अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को अपने संसाधनों पर भरोसा करना होगा और दृढ़ संकल्प को शक्ति में बदलकर मेहनत के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजना होगा। भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ते रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रामराज्य का आदर्श ऐसा शासन है, जहां किसी के साथ भेदभाव नहीं होता और सभी को न्याय तथा समान अवसर मिलते हैं। सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व लोगों को विश्वास और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। शत्रु कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने वालों की अंततः विजय होती है। मोदी ने कहा कि दशहरे की यही भावना सदियों से भारत के दर्शन और जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने देशवासियों से इसी भावना के साथ राष्ट्रीय एकता, आत्मनिर्भरता और जनकल्याण के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।














