नई दिल्ली, 21 अक्टूबर।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच द्विपक्षीय व्यापार व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नाहयान का स्वागत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय की निरंतर कूटनीतिक और आर्थिक संलग्नता के बाद यह रिश्ता अब एक सच्ची व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में उभर रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं और क्षेत्रीय बाधाओं के बावजूद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आपसी निवेश में वृद्धि दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के आपसी विश्वास को दर्शाती है, जबकि रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग अब और अधिक रणनीतिक रूप ले चुका है।
इसके अलावा, विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा हालातों पर चिंता जाहिर करते हुए संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरक की आपूर्ति श्रृंखलाओं के सुरक्षित, निर्बाध और स्वतंत्र प्रवाह के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही, उन्होंने यूएई के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया जो वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा का लगातार ध्यान रख रहा है।














