मुंबई, 21 अक्टूबर।
अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारत और अमरीका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को अंतिम रूप देने और अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक रिश्तों को गहरा करने पर विस्तृत मंथन किया। इस अवसर पर अमरीकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान और चीन के साथ वाशिंगटन के संपर्कों को लेकर भारत की चिंताओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अमरीका के किसी भी देश के साथ संबंध भारत के हितों की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक के शीत युद्ध कालीन समीकरण अब बदल चुके हैं और भारत-अमरीका की '21वीं सदी कंपैक्ट' साझेदारी तथा प्रस्तावित व्यापार समझौता इस मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने बीटीए वार्ता में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे शीघ्र पूरा करने की साझा मंशा जताई। अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि वाशिंगटन का इस्लामाबाद के साथ जुड़ाव क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा तनाव को कम करने की दृष्टि से भारत के लिए भी हितकारी हो सकता है। इसके अलावा, बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भारत में अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई, जहाँ विदेश मंत्री जयशंकर ने अमरीकी 'स्वतंत्रता 250' समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। रूस-यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी जटिल युद्ध पर बात करते हुए अमरीकी विदेश मंत्री ने स्वीकार किया कि संघर्ष विराम के प्रयास अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन दोनों लोकतांत्रिक देश उच्चस्तरीय संवाद के जरिए क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकजुट हैं।














