ढाका, 21 अक्टूबर।
बांग्लादेश में सनातन धर्मावलंबियों का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव शारदीय नवरात्रि आज मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विसर्जन की प्रक्रिया के साथ ही मां भगवती पुनः अपने धाम कैलाश पर्वत के लिए प्रस्थान करेंगी। इस साल पूरे बांग्लादेश में 33,165 पूजा मंडप स्थापित किए गए थे, जहां मंगलवार को महानवमी पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राजधानी ढाका में मां दुर्गा सहित देवी लक्ष्मी, सरस्वती, भगवान कार्तिकेय और गणेश जी की प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देने तथा बुरिगंगा नदी में विसर्जन के दृश्य का साक्षी बनने के लिए तटों पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है।
विजयादशमी के मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों के अंतर्गत मंदिरों और पूजा मंडपों में महिलाओं द्वारा मां दुर्गा के चरणों में सिंदूर अर्पित कर पारंपरिक 'सिंदूर खेला' का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारिवारिक सुख, शांति और अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी, जो देवी दुर्गा की शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व्यक्त करने का प्रतीक है। इसके साथ ही देश भर में भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं द्वारा अगले वर्ष मां भगवती के पुनः आगमन की मंगलकामना करते हुए नवरात्रि महोत्सव का समापन होगा।













