गयाजी, 21 अक्टूबर।
बिहार के गयाजी स्थित सर्किट हाउस में बुधवार दोपहर एसी में विस्फोट के बाद एक कमरे में आग लग गई। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस हादसे में किसी के हताहत होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
सर्किट हाउस के कमरा नंबर तीन में यह घटना हुई। इसके ठीक बगल में स्थित कमरा नंबर दो में विदेश मंत्रालय के निदेशक मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ ठहरे हुए थे। वे पूजा-पाठ के लिए गयाजी आए थे। प्रशासन ने उन्हें पहले कमरा नंबर तीन आवंटित किया था, लेकिन उन्होंने अपनी पसंद से कमरा नंबर दो लिया था।
बुधवार दोपहर एसी में विस्फोट होते ही कमरे में आग लग गई और धुआं फैलने लगा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। मनोज कुमार और उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने आवंटित कमरा नंबर तीन के बजाय कमरा नंबर दो चुना था। बाद में जिस कमरे में उन्हें ठहरना था, वहीं यह घटना हो गई। उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए कहा कि उन्हें और उनके साथ मौजूद परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
अग्निशमन विभाग के जिला सहायक पदाधिकारी नमीन कुमार ने बताया कि एसी में विस्फोट के कारण कमरा नंबर तीन में आग लगी थी। कमरे में धुआं भर गया था, लेकिन अग्निशमन दल ने समय रहते आग बुझा दी। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
प्रेम कुमार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
घटना के समय बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी सर्किट हाउस में मौजूद थे। जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विदेश मंत्रालय के निदेशक मनोज कुमार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और सभी के सुरक्षित रहने पर राहत जताई।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सर्किट हाउस का यह अतिविशिष्ट कक्ष है, जहां न्यायाधीशों और राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण व्यक्ति ठहरते हैं। ऐसे स्थान पर एसी में विस्फोट होना गंभीर और संवेदनशील मामला है। उन्होंने जिला प्रशासन से व्यवस्था में संभावित खामियों की पड़ताल करते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।














