धर्मशाला, 21 अक्टूबर।
मैक्लोडगंज के मुख्य तिब्बती मंदिर चुगलाखांग में बुधवार को धर्मगुरु दलाईलामा के दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष प्रार्थना सभा हुई। इसमें करीब पांच हजार श्रद्धालु शामिल हुए। नोरबुलिंगका संस्थान, तिब्बती कला संस्थान और नेपाल तिब्बती ल्हामो एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से आयोजन किया। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने ताशी शोल्पा नृत्य प्रस्तुत किया। हिम सिंह और याक की वेशभूषा में सजे कलाकारों ने भी नृत्य के माध्यम से धर्मगुरु का अभिनंदन किया।
समारोह में पांचवें दलाईलामा की रचना पर आधारित अमितायु साधना का अनुष्ठान किया गया। गुरु पद्मसंभव के आठ स्वरूपों और खांड्रो येशे छोग्याल का आह्वान करने के बाद त्रिरत्न की स्तुति की गई। दलाईलामा के पूर्व जन्मों और आध्यात्मिक योगदान को याद कर विशेष प्रार्थनाएं हुईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लिंग रिनपोछे ने की। नामग्याल मठ के मठाधीश गेशे लोबसंग समतेन और दोर्जे लोबपोन लोबसंग धारग्ये भी उपस्थित रहे। अनुष्ठान में बाधाओं को दूर करने, रक्षा चक्र स्थापित करने और दीर्घायु से जुड़े पवित्र पदार्थों को अभिमंत्रित करने की विधियां पूरी की गईं।
कलाकारों ने दलाईलामा के 90वें जन्मदिन और संस्था की 50वीं वर्षगांठ से जुड़े गीत भी प्रस्तुत किए। समापन पर विश्व शांति, प्रेम, सद्भाव और सभी प्राणियों के कल्याण की कामना की गई।














