मानसा, 21 अक्टूबर।
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को एजेंसी ने पंजाब पुलिस से संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई की टीम ने झोटा के परिजनों के बयान दर्ज किए और घटनास्थल से नमूने भी जुटाए।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा दौरे के दौरान झोटा के परिजनों से मुलाकात की थी। उनके पंजाब पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की थी। गृह मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि बुधवार से जांच शुरू हो जाएगी। इसके बाद सीबीआई की टीम मंगलवार देर रात मानसा पहुंची।बुधवार को टीम ने परिजनों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए और पोस्टमार्टम के संबंध में भी चर्चा की। बैठक के बाद झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर धरने में शामिल लोगों से इस विषय पर राय लेने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम को लेकर अंतिम निर्णय एक्शन कमेटी से बातचीत के बाद लिया जाएगा।
पोस्टमार्टम को लेकर गतिरोध
पोस्टमार्टम की चर्चा के बीच निहंगों ने मानसा के सिविल अस्पताल को घेर लिया और पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ गए। झोटा के परिवार और संघर्ष कमेटी का धरना बुधवार को नौवें दिन भी जारी रहा। अब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि परिवार फिलहाल अंतिम संस्कार नहीं करेगा।
घटनास्थल पर पहुंची सीबीआई टीम
बुधवार शाम सीबीआई अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने उस जगह की जांच की, जहां झोटा को गोली मारी गई थी। इसके अलावा उस जूते की दुकान पर भी जांच और पूछताछ की गई, जहां उन पर दोबारा गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई थी।उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को केमिस्ट अश्विनी कुमार ने परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब सीबीआई मामले से जुड़े साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।














