मेदिनीपुर, 22 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट क्षेत्र में दुर्गापूजा उत्सव के दौरान एक अप्रिय घटना सामने आई है, जहाँ गोलगप्पे (फुचका) खाने के बाद बच्चों समेत सौ से ज्यादा लोग अचानक बीमार पड़ गए। इस फूड पॉइजनिंग की चपेट में आए कम से कम दस पीड़ितों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक एक मासूम बच्चे की स्थिति अत्यंत चिंताजनक होने के कारण उसे तमलुक जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और छानबीन के दौरान दो गोलगप्पा विक्रेताओं को हिरासत में ले लिया है।
यह मामला कोलाघाट स्थित सागरबाड़ी ग्राम पंचायत इलाके का है। स्थानीय जनस्वास्थ्य संगठन से जुड़े ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष नारायणचंद्र नायक ने बताया कि अठारह अक्टूबर को दक्षिण सागरबाड़ी निवासी संतोष मन्ना से गोलगप्पे खाने के उपरांत पदमपुर, देउलबाड़ी, रेनुबाड़ी और बरदाबाड़ी गाँवों के करीब सौ ग्रामीण अस्वस्थ हो गए। गंभीर रूप से अस्वस्थ दस लोगों को पांशकुड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुँचाया गया, वहीं अन्य कई प्रभावित लोगों का घर पर ही सलाइन चढ़ाकर उपचार किया जा रहा है।
स्थानीय स्वास्थ्य संगठन ने बीमार ग्रामीणों के समुचित इलाज का प्रबंध करने तथा सरकारी डॉक्टरों की देखरेख में चिकित्सा दल भेजकर खाद्य सामग्री के सैंपल जांचने की माँग उठाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जिलाधिकारी निरंजन कुमार ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को गोलगप्पों के नमूनों का परीक्षण कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक अंशुमान साहा ने भी इस पूरे वाकये की गहन जाँच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।














