आइची-नागोया, 22 अक्टूबर।
एशियाई पैरा खेलों के महाकुंभ में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। गुरुवार को महिला चक्का फेंक की एफ-54 स्पर्धा में देश की पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने पंद्रह दशमलव छह छह मीटर की दूरी तय कर पहला स्थान प्राप्त किया और भारत की झोली में दिन का पहला स्वर्ण पदक डाला। ग्रेटर नोएडा की रहने वाली सुवर्णा ने अपने छह प्रयासों में से चार बार पंद्रह मीटर से अधिक दूर थ्रो फेंककर शीर्ष स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में ईरान की शाहला हदीदी ने रजत और वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थुई ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
सुवर्णा की इस उपलब्धि के साथ ही पैरा बैडमिंटन मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मिश्रित युगल एसएल-तीन-एसयू-पाँच स्पर्धा के सेमीफाइनल में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी को कड़े मुकाबले में इंडोनेशियाई खिलाड़ियों से हार झेलनी पड़ी और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इसी प्रकार एसएच-छह स्पर्धा में कृष्णा नागर और नित्या श्री की जोड़ी ने भी सेमीफाइनल में संघर्षपूर्ण हार के बाद देश के लिए कांस्य पदक जीता। इसके अतिरिक्त, इसी वर्ग के फाइनल में भारत की थुलासिमथि मुरुगेसन और नितेश कुमार की जोड़ी खिताबी मुकाबले के मैदान में उतरेगी।
इन सभी शानदार प्रदर्शनों की बदौलत भारत के कुल पदकों का आंकड़ा बढ़कर छियासठ पर पहुँच गया है। मौजूदा प्रतियोगिताओं में भारतीय एथलीटों ने अब तक कुल पंद्रह स्वर्ण, बाइस रजत और उनतीस कांस्य पदक अपने नाम कर लिए हैं। खेल के मैदान पर लगातार मिल रही इन सफलताओं से देश का नाम रोशन हो रहा है और खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर है।











