आइची-नागोया, 22 अक्टूबर।
एशियाई पैरा खेल-दो हजार छब्बीस में भारतीय पैरा बैडमिंटन एथलीटों का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी है। संजना कुमारी, सुहास यतिराज तथा अभिजीत सुखीजा ने अपनी-अपनी श्रेणियों में कांस्य पदक हासिल किए हैं। दूसरी ओर नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल-चार श्रेणी के फाइनल में प्रवेश करके स्वर्ण पदक की उम्मीदों को जीवंत रखा है। संजना और नवीन दोनों के लिए इन खेलों में यह पहला अवसर है।
अपने पहले ही एशियाई पैरा खेल अभियान में संजना कुमारी ने महिला एकल एसएल-तीन स्पर्धा में कांस्य पदक प्राप्त करने में सफलता पाई। सेमीफाइनल में उन्हें जापान की शिनो कवाई के खिलाफ सीधे सेटों में सात-इक्कीस, नौ-इक्कीस से पराजय झेलनी पड़ी। खिताबी मुकाबले की रेस से बाहर होने के बाद भी उन्होंने अपने इस पहले ही बड़े टूर्नामेंट में कांस्य जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
पुरुष एकल एसएल-चार के एक रोमांचक सेमीफाइनल में सुहास लालिनाकेरे यतिराज को इंडोनेशियाई खिलाड़ी फ्रेडी सेतियावान के हाथों कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा। सुहास पहला सेट इक्कीस-तेईस से हार गए थे, परंतु दूसरे सेट में जोरदार वापसी करते हुए इक्कीस-आठ से जीत दर्ज की। अंतिम सेट में कड़े मुकाबले के बीच प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने बाजी मार ली और सुहास को इक्कीस-तेईस, इक्कीस-आठ, पंद्रह-इक्कीस से हारकर कांस्य पदक मिला।
इसी स्पर्धा के दूसरे सेमीफाइनल में भारत के ही दो खिलाड़ियों नवीन शिवकुमार और अभिजीत सुखीजा का आमना-सामना हुआ। इस मुकाबले में नवीन ने अपने हमवतन अभिजीत को सीधे गेमों में पराजित करके स्वर्ण पदक के मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। अपने पदार्पण वर्ष में ही फाइनल तक पहुँचना नवीन के लिए बड़ी उपलब्धि है, वहीं सेमीफाइनल में पराजित होने वाले अभिजीत को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।











