आइची-नागोया, 22 अक्टूबर।
जापान में चल रहे एशियाई पैरा खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है। देश की स्टार तीरंदाज शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धा का खिताबी मुकाबला अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। गुरुवार को खेले गए फाइनल दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने इंडोनेशिया की तेओदोरा ऑडी ऑडिया फेरेली और केन स्वागुमिलांग की जोड़ी को एक सौ पचपन के मुकाबले एक सौ अड़तालीस से शिकस्त दी।
भारतीय जोड़ी ने प्रतियोगिता के शुरुआती क्वालीफिकेशन चरण में ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने एक हजार चार सौ दो अंक बटोरकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया और पुराने रिकॉर्ड को दो अंकों से पीछे छोड़ दिया। खिताबी मुकाबले में भी दोनों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा। प्रथम चरण में अड़तीस-सैंतीस की बढ़त लेने के बाद दूसरे चरण में सटीक निशाने साधते हुए स्कोर सतहत्तर-तिहत्तर कर लिया और चार अंकों की मजबूत बढ़त बना ली।
तीसरे चरण में इंडोनेशियाई टीम ने एक अंक से बढ़त बनाई, फिर भी भारतीय जोड़ी कुल मिलाकर तीन अंक आगे रही। अंतिम चरण में दोनों टीमों ने अड़तीस-अड़तीस अंक जुटाए, जिससे भारत तीन अंक के अंतर से मैच और स्वर्ण पदक अपने नाम करने में सफल रहा। जन्मजात दोनों हाथ न होने के बावजूद पैरों और टांगों के सहारे धनुष सँभालने तथा कंधे व जबड़े से प्रत्यंचा खींचने की शीतल देवी की अनोखी प्रतिभा और तोमन के साथ उनका तालमेल इस जीत का मुख्य आधार बना।











