भोपाल, 22 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में अक्टूबर माह का अंतिम सप्ताह होने के बावजूद मानसून जैसी गतिविधियाँ और बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। आगामी चौबीस तारीख से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका मुख्य प्रभाव राज्य के उत्तर-पश्चिमी अंचल में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा अगले दो दिनों के दौरान इंदौर संभाग और नर्मदापुरम क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने की पूरी संभावना है। मौसम के इस बदले मिजाज और आंधी-पानी के कारण प्रदेश के कई जिलों में रात के पारे में खासी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसमें अमरकंटक का न्यूनतम तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम विभाग द्वारा आज ग्यारह जिलों में बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है, जिनमें इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं। इन इलाकों में तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। इससे पहले मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात राज्य के करीब पंद्रह जिलों में पानी गिरा, जिसमें रायसेन के गैरतगंज में सबसे अधिक सवा इंच वर्षा मापी गई। सीहोर में हवा की गति सैंतीस किमी प्रति घंटा तक पहुँच गई थी, जबकि गुरुवार दोपहर बाद भोपाल, इंदौर और शाजापुर में भी बादलों की आवाजाही के बीच तेज बारिश दर्ज की गई।
लगातार हो रही बारिश और आंधी के चलते रात्रिकालीन तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान पंद्रह दशमलव आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, वहीं रीवा, पचमढ़ी, मंदसौर और दतिया में भी पारा काफी नीचे आ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले चार दिनों में रात के तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की और कमी आ सकती है। हालांकि दिन के समय धूप निकलने के कारण भोपाल, राजगढ़, उज्जैन, खजुराहो और नर्मदापुरम समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान चौंतीस से पैंतीस डिग्री के आसपास बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश से तीन अक्टूबर को ही मानसून की विदाई हो गई थी और आमतौर पर पूरा मानसून एक साथ लौट गया था। इसके बावजूद लगातार सक्रिय हो रही विभिन्न मौसम प्रणालियों के कारण पिछले एक सप्ताह से राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पिछले छह दिनों के भीतर प्रदेश के तमाम अंचलों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा है, जिससे गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है और तापमान में उतार-चढ़ाव का यह दौर अभी कुछ और दिन बने रहने की उम्मीद है।














