नई दिल्ली, 22 अक्टूबर।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और पुनरुद्धार के लिए 8,941 करोड़ रुपये की 43 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। श्याम विहार में आयोजित कार्यक्रम में 2,827.11 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, वहीं 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
अमित शाह ने कहा कि सरकार वर्ष 2029 में यमुना को स्वच्छ बनाने के काम के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर पिछले 30 वर्षों में नदी में गंदा पानी और गोबर बहने देने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, करीब 9,000 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं यमुना की सफाई के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी।
गृह मंत्री ने बताया कि दिल्ली में सरकार बनने के पहले महीने में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर यमुना को स्वच्छ बनाने की योजना सामने रखी थी। दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के साथ इस लक्ष्य पर काम शुरू किया गया और उनके अनुसार, कम समय में ही लक्ष्य की दिशा में 40 प्रतिशत से अधिक प्रगति हुई है।
इन योजनाओं में ओखला में 1,161 करोड़ रुपये की लागत से 124 एमजीडी क्षमता वाला नया मलजल शोधन संयंत्र, 1,041 करोड़ रुपये में आठ संयंत्रों का उन्नयन और बाहरी दिल्ली में 3,113.67 करोड़ रुपये की लागत से 29 नए विकेंद्रीकृत मलजल शोधन संयंत्र तथा सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाना शामिल है।
इसके अलावा, 1,691 करोड़ रुपये की लागत से 1,034 किलोमीटर सीवर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। चंद्रावल में 298.3 करोड़ रुपये से 477 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र बनाया जाएगा। वहीं, मुंडका में 225.02 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबा मुख्य नाला भी विकसित किया जाएगा।
विपक्ष के आंदोलनों पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाकर घुसपैठियों के मतों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी गुजरात में 41 साल और दिल्ली में 18 साल से चुनाव नहीं जीत पाई है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी लंबे समय तक सत्ता में बनी रहेगी।
शाह ने कहा कि केवल धरना-प्रदर्शन करने से सत्ता नहीं मिलती, इसके लिए जनता की समस्याओं का समाधान करना और काम करके दिखाना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें हर छह महीने में विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ती और कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना नहीं है।
पंजाब में नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर भी गृह मंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आप सरकार के कार्यकाल के दौरान नशे का कारोबार बढ़ा है। शाह ने कहा कि दिल्ली में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने पंजाब पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे वहां मुख्यमंत्री के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में पंजाब में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा। शाह ने यह भी कहा कि वर्ष 2029 तक पंजाब से नशीले पदार्थों के कारोबार को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।














